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Thursday, 9 August 2018

Vikram Betal ki kahani - चोर क्यों हँसा और क्यों रोया | बेताल की छठी कहानी


एक समय की बात हैं, अयोध्या नगरी में वीरकेतु नामक राजा राज करता था। उसके राज्य में बहुत चोरियाँ हो रही थी, लेकिन चोर पकड़ में नहीं आ रहा था।

एक दिन राजा ने खुद ही चोर को पकड़ने का मन बनाया, उसके सभी मंत्री ने राजा को मना किया लेकिन राजा बहुत वीर और हठी था।

जब रात हुई तो राजा एक चोर का भेष बनाकर राज्य में निकला, कुछ देर बाद उसे एक आदमी ने पकड़ लिया और डाँटते हुए उसका नाम पूछा।

Vikram vetal ki image

राजा भी चोर की तरह घबराते हुए उससे माफी माँगने लगा,

Thursday, 14 June 2018

Vikram And Betal Stories - दोषी कौन विक्रम बेताल की पाँचवी कहानी


Vikram And Betal Stories - दोषी कौन विक्रम बेताल की पाँचवी कहानी

एक समय की बात हैं काशी नगरी के राजकुमार और दिवान के बेटे में गहरी दोस्ती थी।

एक दिन वे शिकार खेलने जंगल गये थे। उन्हें एक भी शिकार नहीं मिला तो थककर वे एक पेड़ के नीचे बैठ गए।

Vikram vetal stories in hindi

कुछ ही देर में दीवान के बेटे को नींद आ गयी लेकिन राजकुमार वन में इधर - उधर घूमने लगा।

उसी समय राजकुमार की मुलाकात वन में आयी एक सुंदर लड़की से हुई जो वो अपने सहेलियों के संग वन में घूमने आई थी।


Friday, 8 June 2018

विक्रम बेताल की कहानी | सोमप्रभा का स्वयंबर | Vikram Betal Ki Kahani


राजा विक्रम ने बेताल को वश में किया और उसे अपनी पीठ पर बिठा तांत्रिक के पास ले जाने लगे, बेताल भी बड़ा अजीब था उसने विक्रम से राखी शर्त की 'तुम्हें कुछ बोलना नहीं हैं, अगर तुमने बोला तो में वापस उस पेड़ से जा लटकूँगा.' इतना बोलने के बाद बेताल ने कहानी शुरू की।


एक समय उज्जैन नगर में राक्षसों ने उत्पात मचा रखा था। राजा और सभी मंत्री इस बात से बहुत चिंतित रहते थे।

उसी राज्य का एक मंत्री था। जिसे राज्य के अलावा अपनी पुत्री का विवाह करने की चिंता थी।

उसकी पुत्री थी सोमप्रभा। वह बहुत ही सुंदर और गुणवान थी।

एक दिन की राक्षस ने उसी मंत्री के घर पर आक्रमण कर दिया। 

सैनिकों ने वीरता दिखाते हुए राक्षस को तो भगा दिया।

लेकिन राक्षस जाते जाते उन्हें यह कह गया कि वो एक दिन आएगा और सोमप्रभा का अपहरण कर ले जाएगा।

Thursday, 7 June 2018

महान कौन राजा या सेनापति - Vikram Betal Story In Hindi


महान कौन राजा या सेनापति -Vikram Betal Story In Hindi

 विक्रम बेताल की तीसरी कहानी

कनकपुर नगर का राजा बहुत ही प्रतापी और निष्ठावान था। वो हमेशा अपने राज्य के लोगों के भलाई के लिए कार्य करता था।

एक दिन उसके दरबार में एक व्यापारी आया और भेंट के रूप में उसने राजा को दो नर्तकियाँ भेंट की..!!

Vikram betal story in hindi

राजा को इस बात पर क्रोध आ गया। उसने कहा राज्य के व्यापारी को अपने राज्य की कोई चिंता नहीं, ये नर्तकी भेंट करने आये हैं। इसलिए इनसे पूरा कर वसूल करो..!!

राजा की प्रशंसा पूरे राज्य में होने लगी।

Tuesday, 5 June 2018

Vikram Aur Betal - सैनिक वीरवर की परीक्षा


Vikram Aur Betal - सैनिक वीरवर की परीक्षा


विक्रम बेताल की दूसरी कहानी

एक समय की बात हैं । बर्धमान नगर का राजा रूपसेन बड़ा ही प्रतापी था। राजा ने अपनी सुरक्षा में एक अंगरक्षक नियुक्त किया था. जिसका नाम था वीरवर। 
Image of vikram aur betaal
Vikram aur betaal

वीरवर दिन रात राजा की सुरक्षा करता था। लेकिन इसके बदले वो राजा से नौ घड़ा सोना प्रतिमाह वेतन लेता था।

एक अंगरक्षक को इतना सोना दिए जाने के कारण उस राज्य की राज्य लक्ष्मी को चिंता होने लगी। ये अंगरक्षक नौ घड़ा सोना वेतन पाने के योग्य हैं या नहीं इसलिए इसकी परीक्षा लेनी चाहिए।

Vikram Betal - विक्रम बेताल की सम्पूर्ण 25 कहानियाँ हिंदी में पढ़ें


Vikram Betal - विक्रम बेताल की सम्पूर्ण 25 कहानियाँ हिंदी में पढ़ें


विक्रम बेताल की पहली कहानी

Vikram-betal~ प्राचीन समय की बात हैं। विक्रमादित्य नाम के एक महान राजा हुआ करते थे। राजा विक्रमादित्य हमेशा अपनी प्रजा का भला करते थे, उनके यहाँ से कोई भी व्यक्ति खाली हाथ नहीं लौटता था। राज्य के लोग भी अपने राजा से बहुत प्यार और उनका सम्मान करते थे।
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Vikram - betal

विक्रमादित्य प्रतिदिन सुबह पूजा करने के बाद अपनी प्रजा से मिलते थे। कुछ दिनों से उनके यहाँ एक साधु आकर उन्हें एक फल भेंट करता और वापस चला जाता था।

राजा जब फल काटते थे तो उसके अंदर एक बहुमूल्य रत्न मिलता था। एक दिन सुबह जब

Saturday, 10 February 2018

Vikram Betal Story 03 | विक्रम बेताल


Vikram Betal Story 
कनकपुर नाम की एक सुन्दर नगरी थी | कनकपुर का राजा था यसोधन, राजा यशोधन हमेशा अपने राज्य के अच्छे के बारे में सोचता रहता , प्रजा यसोधन से बहुत प्रसन्न थी | 


एक दिन राजा यशोधन के दरबार में एक व्यापारी आया, वह अपने साथ दो नर्तकी राजा को भेंट देना चाहता था |

राजा ने जब देखा की व्यापारी नर्तकी भेंट देने आया हैं, तो उसे बहुत क्रोध आया | 

Vikram Betal Story विक्रम बेताल image
Vikram Betal

यशोधन ने कहा - व्यापारी महोदय मुझे लगा था की आप कुछ ऐसी वस्तु भेंट में देंगे जिससे राज्य का भला होगा , लेकिन आप एक नृत्य करनेवाली को भेंट देकर यह बता दिया हैं की , आप का राज्य के हित में कोई रूचि नहीं हैं | इसलिए मुझे आपका उपहार नहीं चाहिए | 

Thursday, 8 February 2018

Vikram Betal Story 2 , विक्रम - बेताल की कहानी


Vikram  Betal Story
तांत्रिक के कहने पर राजा विक्रमादित्य उस खंडहर के पास गये, विक्रम ने देखा वहाँ एक सुखा पेड़ हैं और उस पर एक मुर्दा उल्टा लटक रहा हैं |

वे मुर्दा को पेड़ से उतारने के लिए पेड़ पर चढ़ने लगे , अँधेरी रात थी |

वह मुर्दा जोर - जोर से हँसने लगा और जमीन पर गिर पड़ा | विक्रम जैसे ही उसे पकड़ने पेड़ से नीचे उतरे बेताल फिर उस पेड़ से से लटक गया |

विक्रमादित्य फिर पेड़ पर चढ़े और बेताल फिर नीचे गिर पड़ा | अगली बार वह जैसे ही नीचे गिरा विक्रम ने छलांग लगा उसे पकड़ लिया और अपने पीठ पर लाद कर ले जाने लगे |

image Vikram - Betal story 2| विक्रम - बेताल की कहानी
विक्रम - बेताल


बेताल ने विक्रमादित्य से कहा - रास्ता काटने के लिए में तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ | लेकिन मेरी यह सर्त हैं की तू कुछ बोलेगा नहीं , अगर तू कुछ बोला तो में वापस उड़ कर उस पेड़ पर जा लटकूँगा |



Wednesday, 7 February 2018

Vikram Betal Story - विक्रम बेताल की पहली कहानी



राजा विक्रमादित्य प्रतिदिन भगवान शिव के मंदिर जाते थे | पूजा करने के बाद वे अपनी जनता से मिलते थे | बहुत से लोग विक्रमादित्य से मिलने के लिए आते थे , उनमें से कोई उन्हें अपनी समस्या सुनाता , कोई उन्हें कुछ भेंट देने के लिए आता था |

लेकिन कुछ महीनों से एक तांत्रिक राजा विक्रमादित्य से रोज मिलने आता था , और उन्हें एक पपीता देकर  चला जाता था |

image of vikram and betal
विक्रम - बेताल की पहली कहानी


यह बात विक्रमादित्य को समझ नहीं आ रही थी , आखिर वह तांत्रिक कौन हैं ?  एक दिन महाराजा विक्रमादित्य
ने तांत्रिक के दिए हुए पपीते को काट कर देखा , जैसे ही उन्होंने पपीता काटा उन्हें बहुत आश्चर्य हुआ |