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Monday, 29 July 2019

100+ Moral Stories in Hindi 2019


Moral Stories in Hindi


Hello Friends...Here is The Best Collection of Short Moral Stories in Hindi, Where you can Find  Motivational Stories in Hindi, Moral Stories in Hindi and Panchatantra Stories in Hindi in This List We Give Some Story in Full Reading Mode and Other Stories is Link Format. if You Want to read that story just click on that link you will get full post on that....So Thank You...Have a Good Day. 

1. वरदराज की कहानी 

Moral Stories in Hindi
वरदराज

एक लड़का था उसका नाम था वरदराज। वरदराज पढ़ने में बहुत कमजोर था। इस कारण सब लोग उसका मजाक उड़ाते थे, कोई मंदबुद्धि कहता तो कोई मुर्ख कहता था।

उसके सभी सहपाठी जो उसके साथ पढ़ते थे वे आगे की कक्षा में पहुँच गए लेकिन बालक वरदराज एक ही कक्षा में कई साल से पढ़ रहा था, उसे पढ़ाई लिखाई समझ में नहीं आती थी।


Friday, 28 December 2018

चित्रकार की गलती - Short Stories In Hindi With Moral


Short Stories In Hindi With Moral


short stories in hindi With Moral - एक समय की बात है, किसी शहर में एक चित्रकार रहता था।  वह बहुत अच्छे चित्र बनाता था, उसके द्वारा बनाये गये चित्रों की लोग बहुत तारीफ करते थे। 

एक दिन की बात हैं, चित्रकार के मन में यह बात आयी की उसकी चित्र सच में अच्छी होती हैं या लोग बस ऐसे ही उसके मुंह पर उसकी तारीफ करते हैं।

Short Stories In Hindi With Moral
Short Stories In Hindi With Moral

यह सोचकर उसने अपनी एक सबसे अच्छी चित्रकारी शहर के एक चौराहे पर लगा दी और उसके निचे लिख दिया - " जिसे भी इस तस्वीर में कोई कमी दिखे वह वहाँ एक निशान लगा दे "


Friday, 2 November 2018

छोटे बच्चों की 51 रोचक कहानियां - chhote bachho ki kahaniya


दोस्तों कहानियाँ (Baccho ki Kahaniya) एक अनोखी चीज होती हैं, क्यों की कहानियों में कुछ अलग ही रोचक बातें सुनने को मिलती हैं, जो असली दुनियाँ में शायद ही संभव हो जैसे की पशु - पक्षियों की कहानियों की बात करें तो हम उनकी आवाज और बात इन कहानियों के जरिये समझ सकते हैं। ऐसी कहानियों से हमें कुछ अनोखी  शिक्षा भी मिलती हैं। आजकल ऐसी नैतिक शिक्षा कहानियों ही समझी जा सकती हैं।


इस लेख में आपको भारती हिंदी.com पर उपस्थित बच्चों की कहानियाँ की लिस्ट मिलेगी, जिसमें बहुत ही रोचक अंदाज में नैतिक और प्रेरक बातें समझायी गयी हैं। यह कहानियाँ जरूर पढ़ें, अगर अपना कुछ विचार रखना चाहते हैं तो कमेंट करें और अगर आपको यह कहानियाँ पसंद आयी तो शेयर जरूर करें।

kahaniya in Hindi
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बच्चों की 51 कहानियाँ


1.  आलसी गोपी और जादू का खेल


Monday, 16 July 2018

घमण्डी हाथी और चींटी | Hindi kahani for kids | Ghamandi Hathi Aur Chinti


एक जंगल में एक हाथी रहता था, वह बहुत ही घमण्डी था। वह बिना किसी बात के जंगल के जानवरों को परेशान किया करता था। 

hindi kahani for kid
Hindi kahani For Kids

जंगल के सभी जानवर उससे परेशान रहते थे, वह इतना बलवान था कि उस जंगल का शेर भी उससे से डरता था।


Sunday, 17 June 2018

नर्सरी बच्चों के लिए 5 अच्छी कहानियाँ - Best Nursery Stories In Hindi


   Nursery Stories In Hindi  



1. कछुआ और हंस की मित्रता 


This is an image of barsaye story

 Nursery Stories In Hindi - एक बहुत ही सुंदर जंगल था। उस जंगल में एक कछुआ और दो हंसों में गहरी मित्रता थी। तीनों एक तालाब के पास रहते थे, कछुआ तालाब में रहता था, और हंस तालाब के किनारे जामुन के पेड़ पर रहता था।

वे दिनभर बातें करते और अच्छी-अच्छी कहानियाँ सुनाते और वन के सभी पक्षी इनकी कहानियाँ सुनने आया करते थे। इस साल बारिश नहीं हुई यही जिसके कारण जंगल में अकाल पड़ गया था।



हंस ने कहा : मित्र कछुआ जंगल के सभी पक्षी और जानवर अब दूसरे जंगल जा रहे हैं, हमें भी चलना चाहिए।

कछुआ ने कहा : हंस तुम एक लकड़ी का टुकड़ा लेकर आओ उसे दोनों अपनी चोंच से पकड़ लेना और में बीच में पकड़ लूंगा, फिर जब तुम उड़ोगे तो में भी तुम्हारे साथ रहूँगा।

हंस ने कहा : ठीक है मित्र लेकिन तुम कुछ बोलना मत और कभी भी अपना मुंह मत खोलना नहीं तो तुम नीचे गिर जाओगे।

दोनों हंसों ने लकड़ी को किनारे से चोंच में पकड़ लिया और कछुआ बीच में फिर वे उड़ने लगे। कछुआ भी उनके साथ उड़ रहा था। 

कछुआ को इस तरह उड़ते देख गांववालों ने शोर करने लगे, देखो देखो कछुआ उड़ रहा हैं।


कछुआ कुछ देर चुप रहा लेकिन उससे रहा नहीं गया और उसने कहा : अरे क्यों शोर कर रहे हो, हंस उड़ रहा हैं में तो पकड़ा हूँ।

बस इतना बोलते ही उसका मुंह खुल गया, और वह नीचे गिरने लगा और वह जमीन पर आ गिरा, गांव के लोगों ने कछुआ को पकड़ लिया। हंस अपने मित्र से बिछुड़ कर बहुत दुखी हुआ।

सीख : बोलने पर नियंत्रण रखना चाहिए हमेशा सोच समझ कर ही बोलना चाहिए।


 2. आलसी कबूतर 



 Nursery Stories In Hindi  - एक जंगल में एक बरगद का पेड़ था। उस पेड़ पर कबूतरों का झुंड रहता था। एक दिन की बात हैं, जंगल में एक शिकारी आया, शिकारी बरगद पेड़ पर चढ़ गया और वह कबूतरों के घोसलों से अंडे निकाल ले गया।

कबूतरों को बहुत दुख हुआ उन्होंने कहा, यह बरगद का पेड़ बहुत छोटा और नीचे हैं, इसपर शिकारी आसानी से चढ़ जाते हैं, हमें दूसरे पेड़ पर घोंसला बनाना चाहिए।

सभी कबूतर एक जामुन के पेड़ पर गए, वह पेड़ बहुत ही ऊंचा और लंबा था।कबूतरों ने अपना घोंसला उस पेड़ पर बना लिया।

उस झुंड में एक बूढ़ा और अनुभवी कबूतर भी था। घोसला बनाने के बाद वह पेड़ के बारें में जानकारी खोज रहा था।

तभी उसने देखा कि पेड़ की जड़ में कुछ जंगली झाड़िया उग रही हैं, और वे पेड़ पर चढ़ रही हैं।

कबूतर ने अपने साथियों से कहा : सुनों दोस्तों इस जंगली झाड़ी को अभी उखाड़ दो नहीं तो शिकारी इस झाड़ी के सहारे फिर पेड़ पर चढ़ जायेगा।

सब कबूतर घोसला बना कर आराम कर रहे थे, उन्होंने अपने बुजुर्ग कबूतर की बातें को अनसुनी कर दिया।

कुछ दिन बाद एक शिकारी आया उसने जामुन के पेड़ पर कबूतरों का घोसला देखा। पेड़ बहुत ऊंचा था, इतनी ऊंचाई पर चढ़ पाना मुश्किल था।

फिर उस शिकारी की नजर उस झाड़ पर गयी जो पेड़ से चिपक ऊपर तक गयी थी।

शिकारी उस झाड़ी के सहारे पेड़ पर चढ़ गया और फिर उसने कबूतरों के अंडे निकाल लिए।

सभी कबूतर अपने बुजुर्ग की बात नहीं मानने के कारण पछता रहे थे। 


अगली बार जब उन्होंने एक नए पेड़ पर घोसला बनाया तो उस बुजुर्ग कबूतर की बातें मानी और शिकारी उनके अंडे तक नहीं पहुंच सका।

सीख : अपने से बड़ों की बातें माननी चाहिए।



3. मैना पक्षी और बच्चें



 Nursery Stories In Hindi  - गाँव के पास एक विद्यालय थी। उस विद्यालय में गाँव के छोटे बच्चे पढ़ते थे। जब उनकी छुट्टी होती तो रास्ते मे एक जामुन के पेड़ के पास वे रुकते थे। उस पेड़ पर एक मैना ने अपना घोंसला बनाया था।


बच्चें मैना से कहते : सुनो मैना पक्षी हमें कुछ जामुन गिराओ।

मैना बच्चों की आवाज सुनकर पके जामुन गिराती थी। बच्चे जामुन खाकर बहुत खुश होते थे।

एक दिन की बात हैं। मैना पक्षी कही दूर दाना चुनने चली गयी थी। वह वापस लौटते समय अपना रास्ता भूल गयी। 

मैना के घोंसला में उसके बच्चें बहुत चिंतित थे। उन्होंने घोंसला के बाहर देखना चाहा, लेकिन वे जमीन पर गिर गए।

मैना के बच्चों को डर लग रहा था, कहीं कौआ उन्हें देख ना ले. नहीं तो कौआ उन्हें मार डालेगा।

उसी समय विद्यालय की छुट्टी हुयी और विद्यालय के बच्चें उस पेड़ के पास आये।

उन्होंने मैना के बच्चो को देखा, वे समझ गए कि मैना आज पेड़ पर नहीं हैं। 

विद्यालय के बच्चो ने मैना के बच्चों को वापस उनके घोसलों में पहुंचा दिया।

कुछ समय बाद मैना पक्षी वापस उस पेड़ आप आयी। मैना ने अपने बच्चों से उनका हाल पूछा।

उन्होंने बताया कि आज विद्यालय के बच्चों ने उसे घोसलें में सुरक्षित पहुँचाया। मैना ने उन्हें बहुत धन्यवाद दिया।

सीख : दोस्तों इसे ही कहते हैं कर भला हो भला।


4. किसान और गोरैया पक्षी



 Nursery Stories In Hindi  - एक गाँव में एक किसान रहता था। उसके घर के पास एक आम का पेड़ था जिसपर एक गोरैया का झुंड रहता था। किसान गोरैयों को हमेशा अनाज के दाने खिलता था।

लेकिन किसान की पत्नी गोरैया के झुंड के शोर से परेशान रहती थी। उसे गोरैयों का शोर पसंद नहीं थी। वो कहती कि इन गोरैयों को हमनें बेकार ही अपने घर के पास रहने दिया हैं।

एक समय की बात हैं। किसान ने खेत में अनाज के दाने बोयें, कुछ दिन बाद उसके खेत में अनाज के पौधें उगे, किसान बहुत खुश था।

एक दिन गोरैया ने देखा कि किसान खेत में उदास बैठा हैं। गोरैया ने किसान से जाकर पूछा, किसान भईया आप उदास क्यों बैठे हो?

किसान ने कहा : क्या करूँ जंगली टिड्डे के आने का समय हैं। आसपास के सभी किसानों ने अपने खेतों में दवा डाल दी हैं। 

अब अगर टिड्डे आएंगे तो वे सिर्फ मेरे खेत के पौधों को नुकशान करेंगे। में टिड्डों को रोकने की दवा लेने गया था, लेकिन दुकान में अभी दवा खत्म हो गयी हैं।

गोरैया ने कहा : किसान भईया आप चिंता मत करो हम आपके खेतों की रखबाली करेंगे।

अगले दिन सुबह टिड्डे का एक बड़ा सा झुंड खेतों में आया। सभी खेतों में दवा की गंध आ रही थी। इसलिए टिड्डे ने किसान के खेत पर आक्रमण कर दिया।

किसान और उसकी पत्नी घबरा गए, उन्होंने एक दो टिड्डों को भगाया लेकिन टिड्डे का पूरा झुंड पौधों को नुकशान पहुँचाने लगा।


उसी समय गोरैया का पूरा झुंड आया। गोरैया ने मिलकर सभी टिड्डे को भगा दिया।

किसान और उसकी पत्नी बहुत खुश हुये, किसान की पत्नी ने गोरैयों से कहा : में गोरैयों को महत्व नहीं देती थी लेकिन आज इन पक्षियों ने मेरा दिल जीत लिया हैं।

सीख : मुश्किल में दूसरों की सहायता करनी चाहिए, जैसे गोरैया के झुंड ने किया।


5. चतुर लोमड़ी 



 Nursery Stories In Hindi  - एक दिन की बात हैं। एक लोमड़ी शाम के समय घूम रही थी। तभी अचानक वो एक कुएं में जा गिरी।

लोमड़ी ने बहुत प्रयास किया लेकिन वो बाहर नहीं निकल पायी, और पूरी रात उसे उस कुएं में ही रहना पड़ा।


सुबह एक बकरी आयी उसने कुएं में देखा तो उसे लोमड़ी दिखी।

बकरी बोली : अरे तुम वहां क्या कर रही हो लोमड़ी ?

लोमड़ी को इसी समय की प्रतीक्षा थी, लोमड़ी मुस्कुराते हुए बोली : इस कुएं में बहुत मीठा पानी हैं। तुम भी आओ पी लो पानी।

बकरी बिना कुछ सोचे समझे कुएं में कूद गई, लेकिन अंदर जाने पर उसे पानी मीठा नहीं लगा।

बकरी बोली अब पानी तो पी लिया लेकिन ऊपर कैसे जाऊँगी।

लोमड़ी ने कहा : सुनो में तुम्हारे ऊपर चढ़ कर ऊपर जाती हूँ , फिर में तुम्हारे भी ऊपर आने का कोई रास्ता बनाऊंगी।

बकरी खड़ी हो गयी और लोमड़ी उसके ऊपर चढ़कर ऊपर आ गयी।

ऊपर आने के बाद लोमड़ी बोली तुम मूर्ख हो कुएं का पानी पीने के लिए कोई नीचे जाता हैं क्या, इतना बोल लोमड़ी जंगल चली गयी। और बकरी कुएं में फंस गई।

सीख : बिना सोचे समझे कोई भी काम नहीं करना चाहिए।
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Saturday, 2 June 2018

Hindi Short Stories With Moral - तितली के संघर्ष की कहानी


Hindi Short Stories With Moral 


मदन नाम का एक पाँच साल का लड़का था। वह शाम के समय अपने बगीचे में टहल रहा था।

Hindi Short Stories With Moral image
तितली का संघर्ष

उसी समय उसकी नजर एक पत्ते पर बने तितली के छत्ते पर गयी। जिसमें से एक तितली का बच्चा बाहर पत्ते पर गिर गया। शायद वह अपने अंडे से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा था।


Tuesday, 29 May 2018

मेहनत | Hindi Short Stories With Moral


दोस्तों यह तीनों कहानियाँ (Hindi Short Stories With Moral)  बहुत ही अधिक प्रेरक हैं इन कहानियों से आपको  सीखने को मिलेगा, आपसे अनुरोध हैं की इन कहानियों को पढ़ें और अगर आपको यह अच्छा लगे तो एक शेयर जरूर करें।

 1. मेहनत | Hindi Short Stories With Moral 



एक गाँव मे एक किसान रहता था। उसके चार बेटे थे, लेकिन चारों हमेशा खेलने और मस्ती में व्यस्त रहते थे। किसान अपने बेटों को समझा कर थक चुका था, लेकिन उनपर इसका कोई असर नहीं होता था। 

एक दिन किसान ने सोचा की अभी तो मैं काम करने के लायक हुँ इसलिए अभी मेहनत करके में इनका भरण - पोषण कर दूँगा, लेकिन जब मैं बूढा हो जाऊँगा तब इनका क्या होगा। 

यह सोच उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक उपाय सोचा। अगले दिन सुबह किसान अपने रिश्तेदार के यहाँ चला गया। जब उसके बेटे जब शाम को खेलने और घूमने आये तो उन्होंने अपनी माँ से पूछा की पिताजी कहाँ गए हैं.....?