Thursday, 1 August 2019

बच्चों की 5 ज्ञानवर्धक नैतिक कहानियां - Bachchon Ki Kahani


बच्चों की 5 ज्ञानवर्धक कहानियां
Baccho Ki Kahaniya


बच्चों की कहानी (Baccho Ki Kahani) पढ़ने और सुनने में बच्चों को बहुत आनंद आता हैं क्यों की कहानियां में कुछ ऐसी बातें होती है जिससे बच्चो का मनोरंजन भी होता है और उनका ज्ञान भी बढ़ता हैं।

इस लेख में आपको भारती हिंदी.com पर मौजूद बच्चो की कहानियों की लिस्ट मिलेगी जिसमें बहुत ही रोचक अंदाज में नैतिक और प्रेरक बातें समझायी गयी हैं।

Bachchon Ki Kahani #1


सुंदरवन में एक आम का पेड़ था।  उस पेड़ पर एक बंदर बैठा हुआ था।  बंदर की पूंछ बहुत लम्बी थी, वह जमीन से लटक रही थी। 

bachchon ki kahani

पेड़ के निचे एक गिलहरी खेल रही थी।  उसने ऊपर देखा तो उसे एक झूला लटकता हुआ दिखाई दिया, गिलहरी  ने झूले को पकड़ लिया और मस्ती में झूलने लगी। 


झूला बंदर का पुँछ था, गिलहरी के झूलने से बंदर को गुदगुदी होने लगी।  बंदर हँसते हुये बोला - अरे गिलहरी तुम मेरी पुँछ को पकड़ के झूल रही हो, मुझे गुदगुदी हो रही हैं। 


गिलहरी ने ऊपर देखा तो उसे बंदर दिखाई दिया, वह बोली - अरे बंदर भैया आप में तो आपकी पूँछ को झूला समझ झूलने लगी थी। 

फिर गिलहरी निचे उतर कर झटपट पेड़ पर चढ़ गयी, फिर बंदर और गिलहरी दोनों खेलने लगे और बंदर और गिलहरी में दोस्ती हो गयी।

शिक्षा - दोस्तों हमें आपस में मिलजुल कर रहना चाहिए


Bachchon ki Kahani #2


एक बतख थी, उसके दो बच्चें थे।  एक का नाम था लालू और दूसरे का नाम था पीलू।  वे दोनों आपस में बहुत प्यार से रहते थे।

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लालू को लाल - लाल चीजें खाने का शौक था और पीलू हमेशा पिली चीजें खाता था।  एक दिन बत्तख कहीं दूर घूमने चली गयी थी।

लालू और पीलू दोनों अपने घोसलें के पास खेल रहे थे।  कुछ देर बाद लालू को एक पौधा दिखाई दिया, उसमें लाल - लाल फल लटक रही थी।


लालू ने जैसे ही लाल देखा उसने झट से तोड़कर खा लिया , और खाने के बाद उसे बहुत जलन होने लगी , वह  लाल मिर्ची का पौधा था।

लालू रोने लगा , पीलू ने लालू को रोता देखा तो वह तुरंत गया और अपनी चोंच में पीला गुड़ लेकर आया , उसने लालू को गुड़ खाने को कहा।  लालू ने जब मीठा गुड़ खाया तो उसकी जलन बंद हो गयी।

दोनों एक दूसरे के गले मिले , जब बत्तख आयी तो लालू और पीलू ने बत्तख को पूरी कहानी सुनायी।  बतख ने अपने बच्चों को पुचकारा और प्यार से गले लगा लिया।

शिक्षा - दोस्तों इस कहानी से हमें सिख मिलती हैं की हमें दूसरों की सहायता करनी चाहिए।  

Bachchon Ki Kahani #3


एक बहुत ही सुन्दर जंगल था। उस जंगल में एक सोन चिड़ियाँ रहती थी, एक दिन वह चिड़ियाँ डाल पर बैठ कर मधुर आवाज में गीत गा रही थी।

उसी समय एक शिकारी आया उसने चुपके से आकर उस सोन चिड़ियाँ को पकड़ लिया और पिंजरे में बंद कर दिया।

bachchon ki kahani

सोन चिड़ियाँ बोली : शिकारी तुमने मुझे पिंजरे में क्यों बंद किया हैं। में तो उड़ ही नहीं सकती हूँ।


इसपर शिकारी ने कहा : लेकिन तुम तो चिड़ियाँ हो, उड़ क्यों नहीं सकती।


चिड़ियाँ बोली : जब दूसरी चिड़ियाँ उड़ना सिख रही थी, उस समय में गीत गाना सिख रही थी। इसलिये मुझे उड़ना नहीं आता हैं।

शिकारी ने कहा : तुम झूठ बोल रही हो। मुझे तुम्हारी बातों पर भरोसा नहीं हो रहा हैं।

चिड़ियाँ बोली : अगर तुम्हें भरोसा नहीं हो रहा हैं, तो तुम पिंजरा खोल कर देख लो, में नहीं उड़ सकती हूँ।

शिकारी को चिड़ियाँ की कहि बात सच लगी। उसने पिंजरा खोल दिया, शिकारी ने जैसे ही पिंजरा खोला चिड़ियाँ जान बचाकर फुर्ररर से उड़ गयी।

शिक्षा - दोस्तों इस कहानी से हमें सिख मिलती हैं की मुश्किल में बुद्धि का उपयोग अवश्य करना चहिए। 

Bachchon Ki Kahani #4


एक बार की बात हैं। जंगल में पक्षियों का राजा बाज हुआ करता था। वह बहुत ही बलवान और घमण्डी था।

वह जरा सी गलती करने पर किसी भी पक्षी को मार देता था। उससे सभी पक्षी परेशान हो गये थे।

एक दिन जंगल के सभी पक्षियों ने एक सभा बुलायी, उस सभा में सबने विचार किया कि बाज को हटाकर शांत और सुन्दर कबूतर को नया राजा बनाना चाहिये।


लेकिन उनकी बात बाज मानने को तैयार नहीं था। फिर सबने एक प्रतियोगिता रखी।

शर्त थी कि जो बरगद पेड़ की मजबूत डाली को तोड़ देगा वही हमारा नया राजा होगा।


कुछ दिन बाद प्रतोयोगिता होनी थी। जंगल के सभी पक्षी उस जगह पर पहुँच चुके थे।

बाज को पेड़ दायीं तरफ की डाली को तोड़ना था, जबकि कबूतर को पेड़ की बायीं तरफ की डाली को तोड़ना था, बाज ने अपना प्रयास शुरू किया, वह दूर से उड़कर आता और जोर से डाली पर बैठता, लेकिन डाली नहीं टूटी। 

बाज ने दोबारा प्रयास किया लेकिन डाली फिर भी नहीं टूटी। बाज आखिरी में थककर बैठ गया।

अब कबूतर की बारी थी। वह डाली भी उतनी ही मोटी थी, जितना बाज की डाली थी।

अब कबूतर ने अपना काम शुरू किया, वह उड़ता हुआ जोर का धक्का डाली को दिया, मगर इसबार डाली नहीं टूटी। कबूतर ने दूसरी बार प्रयास किया वह पूरी ताकत के साथ आया और उस डाली पर बैठा।

उसके बैठते ही डाली टूटकर जमीन पर गिर गयी। सबने उसे अपना नया राजा बनाया, उसका खूब स्वागत किया गया। 

फिर उसे राजा वाले पेड़ पर बैठाया गया, और वह घमण्डी बाज अपना हार स्वीकार कर के जंगल से चला गया।

कबूतर से कुछ पक्षियों ने पूछा : महाराज, जब उस घमण्डी बाज से डाली नहीं टूटी तो आपके कैसे उस डाली को तोड़ दिया।

राजा कबूतर ने कहा : उस बाज से परेशान होकर सभी पक्षियों ने एक उपाय सोचा था।

में जिस डाली को तोड़ने वाला था, उस डाली को कठफोड़वा पक्षी ने पहले से खुरेड कर कमजोर बना दिया था।

पेड़ की सभी चींटियों ने भी उस डाली को अंदर से कमजोर बना दिया था, जब मैंने उस डाली को धक्का दिया और वह डाली टूट गयी।

सभी पक्षी कबूतर को अपना राजा बनाकर बहुत खुश थे। अब सुन्दर और शांत कबूतर उनका राजा था।

शिक्षा - दोस्तों इस कहानी से हमें सिख मिलती हैं की बुद्धि बल से बड़ी होती हैं।

Bachchon Ki Kahani #5


गाँव के पास एक विद्यालय थी। उस विद्यालय में गाँव के छोटे बच्चे पढ़ते थे।

जब उनकी छुट्टी होती तो रास्ते मे एक जामुन के पेड़ के पास वे रुकते थे। उस पेड़ पर एक मैना ने अपना घोंसला बनाया था।


बच्चें मैना से कहते : सुनो मैना पक्षी हमें कुछ जामुन गिराओ।

मैना बच्चों की आवाज सुनकर पके जामुन गिराती थी। बच्चे जामुन खाकर बहुत खुश होते थे।

एक दिन की बात हैं। मैना पक्षी कही दूर दाना चुनने चली गयी थी। वह वापस लौटते समय अपना रास्ता भूल गयी। 

मैना के घोंसला में उसके बच्चें बहुत चिंतित थे। उन्होंने घोंसला के बाहर देखना चाहा, लेकिन वे जमीन पर गिर गए।


मैना के बच्चों को डर लग रहा था, कहीं कौआ उन्हें देख ना ले नहीं तो कौआ उन्हें मार डालेगा।

उसी समय विद्यालय की छुट्टी हुयी और विद्यालय के बच्चें उस पेड़ के पास आये।

उन्होंने मैना के बच्चो को देखा, वे समझ गए कि मैना आज पेड़ पर नहीं हैं। 

विद्यालय के बच्चो ने मैना के बच्चों को वापस उनके घोसलों में पहुंचा दिया।

कुछ समय बाद मैना पक्षी वापस उस पेड़ आप आयी। मैना ने अपने बच्चों से उनका हाल पूछा।
उन्होंने बताया कि आज विद्यालय के बच्चों ने उसे घोसलें में सुरक्षित पहुँचाया। मैना ने उन्हें बहुत धन्यवाद दिया और अपने बच्चों को गले से लगा लिया।

शिक्षा - दोस्तों इस कहानी से हमें सिख मिलती हैं की कर भला हो भला। 


  Bachchon Ki Kahani List  

1.  आलसी गोपी और जादू का खेल

2. किसान के आलसी बेटों की कहानी 

3. साहसी बालक की कहानी 

4. स्वार्थी दानव का बगीचा

5. कौआ और चालक लोमड़ी

6. पक्षियों का झुण्ड और शिकारी

12. हाथी और चींटी 

13. बिल्ली और चार व्यापारी 

14. बिल्ली और बंदर की कहानी

15. बिल्ली और चूहा की दोस्ती

16. खरीदी गयी बात 

17. नीला सियार की कहानी

18. रास्ते का पत्थर

19. सिद्धार्थ : हंस किसका 

20. शिक्षा का असली महत्व 

21. ईश्वरचंद्र विद्यासागर की कहानी 

22. बिरसा मुंडा की जीवनी

23. एक गांव की कहानी

24. सास बहु की कहानी 

25. चिड़ियाँ और शिकारी 

26. चिड़ियाँ और किसान

27. केकड़ा और बगुला 

28. प्यासा कौआ 

29. बुद्धिमान मेंढक

30. कबूतर और बाज

31. कौआ और गोरैया 

32. चिड़ियों की बरसात  

33. पंचतंत्र : चार मित्र की कहानी 

34. राजकुमार का घमंड टुटा 

35. तितली का संघर्ष

36. साथी की सहायता 

37. जादुई गुल्लक की कहानी 

38. सोने का अंडा 

39. झूमने वाला पानी

40. चम्पक : राजा और मकड़ी 

41. बालहंस : आम का पेड़ किसका 

42. साहसी बालक की कहानी 

43. फूल कुमारी और जोकर की कहानी

44. विद्वान वरदराज की कहानी 

45. बाज की उड़ान

46. सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग 

47. ऊपर वाला देख रहा हैं

48. गुण और अवगुण की परख 

49. अपनी तुलना दूसरों से ना करें 

50. तीन प्रेरक कहानियों का संग्रह

51.   शेर और चूहा की कहानी 

Bachchon Ki Kahani

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