Friday, 2 November 2018

छोटे बच्चों की तीन रोचक कहानियां - chhote bachho ki kahaniya



छोटे बच्चों की कहानियां (chhote bachho ki kahaniya) जैसे की कौआ , मैना, चिड़ियों की कहानी और हमें सीख देती अनमोल कहानियों का रोचक संग्रह आपके लिए हम लाये हैं।  इस संग्रह में तीन बहुत ही रोचक और सूंदर छोटे बच्चों की कहानी  हैं - 1. कौआ और लोमड़ी की कहानी , 2. गोपी और जादुई कहानी3. मैना पक्षी और स्कूली बच्चों की कहानी , यह छोटे बच्चों की कहानियां जरूर पढ़ें।


   कौआ और चालक लोमड़ी    


एक दिन की बात हैं। एक कौआ को एक रोटी मिला। कौआ रोटी लेकर उड़ता हुआ एक पेड़ की डाल पर आ कर बैठा। उसी समय उधर से एक लोमड़ी गुजर रही थी। 

 chhote bachho ki kahaniya
छोटे बच्चों की कहानियां

लोमड़ी ने कौआ के चोंच में रोटी देखी, वह कौए के पास आकर बोली - कौआ भाई कहाँ थे ?

लेकिन कौआ कुछ नहीं बोला। लोमड़ी ने फिर कहा -कौआ भाई सुना हैं तुम बहुत अच्छा गाना गाते हो ? एक बार मुझे भी सुनाओ।

कौए ने तारीफ सुनी और उससे रहा नहीं गया, वह गाना गाने लगा। ला ला ला ला। ...

जैसे ही कौआ ने अपना चोंच खोला रोटी नीचे गिर गया। लोमड़ी तो इसी का इंतजार कर रही थी, जैसे ही रोटी नीचे गिरी चालक लोमड़ी उसे लेकर जंगल भाग गई। मूर्ख कौआ देखता रह गया।

शिक्षा - हमेशा बुद्धि से काम लेना चाहिये। 


    गोपी और जादू का खेल    


एक लकड़ा था। उसका नाम था गोपी। उसकी माँ रोज सुबह उसे उठाती थी। गोपी ओ गोपी उठ जा स्कूल जाना हैं। लेकिन गोपी आँख बंद किये कहता - बस पाँच मिनट में उठता हूँ। की कहानियाँ  

उसकी माँ जब नहाने के लिए कहती, तो वह बोलता - बस पाँच मिनट में नहाता हूँ।

माँ जब खाना खाने के लिए कहती तो वह बोलता - बस पाँच मिनट में खाता हूँ।

इस तरह पाँच मिनट करते - करते गोपी रोज देर से स्कूल पहुंचता, उसके अध्यापक समझाते - गोपी समय पर स्कूल आया करो।

 chhote bachho ki kahaniya
छोटे बच्चों की कहानियां

लेकिन गोपी अपनी आदत के कारण कुछ नहीं सुनता था। कक्षा में भी वह अपना काम कभी समय पर नहीं करता था। 

दूसरे बच्चें अपना काम समाप्त कर के खेलने चले जाते थे, और गोपी वहीं बैठा रहता था।

एक दिन स्कूल में जादू का खेल दिखाया जाना था। अध्यापक ने बच्चों को सुबह दस बजे आने के लिए कहा था।

सभी छात्र समय पर स्कूल पहुँच चुके थे, कुछ बच्चों को देर हो गयी थी, वे भागते - भागते स्कूल जा रहे थे।

उस समय गोपी घर के बाहर खेल रहा था, एक बच्चा बोला - गोपी, जल्दी चलो...जादू का खेल शुरू हो जाएगा।

गोपी ने कहा - तुमलोग चलो, में बस पाँच मिनट में आता हूँ। लेकिन पाँच मिनट बोलते - बोलते उसे देर हो गयी।

जब गोपी स्कूल पहुँचा तो जादू का खेल समाप्त हो चुका था। सभी बच्चें जादू के खेल की बातें करते हुए लौट रहे थे। सभी बच्चे खुश थे, और गोपी उदास था।

फिर उसके अध्यापक ने कहा - गोपी उदास मत रहो, आज से तुम सुबह जल्दी उठो और सभी काम समय पर करो, फिर तुम्हें कभी उदास नहीं होना पड़ेगा।

गोपी को उस दिन अपनी गलती समझ में आ गयी, उसके बाद गोपी सुबह जल्दी उठने लगा और वः अपना काम भी समय पर करने लगा।

अगले साल जब स्कूल में जादू का खेल दिखाया गया तो गोपी समय पर स्कूल गया, आज वह सबसे पहली कतार में बैठा था, और जादू का खेल देखकर खुश था।

शिक्षा - इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती हैं कि हमें सुबह जल्दी उठना चाहिए। अपना काम समय पर करना चाहिए। समय पर काम करने वाले हमेशा खुश रहते हैं।


   मैना पक्षी और स्कूली बच्चें   


गाँव के पास एक विद्यालय थी। उस विद्यालय में गाँव के छोटे बच्चे पढ़ते थे। जब उनकी छुट्टी होती तो रास्ते मे एक जामुन के पेड़ के पास वे रुकते थे। उस पेड़ पर एक मैना ने अपना घोंसला बनाया था।

 chhote bachho ki kahaniya
मैना पक्षी और स्कूली बच्चें की कहानी  

बच्चें मैना से कहते : सुनो मैना पक्षी हमें कुछ जामुन गिराओ।

मैना बच्चों की आवाज सुनकर पके जामुन गिराती थी। बच्चे जामुन खाकर बहुत खुश होते थे।

एक दिन की बात हैं। मैना पक्षी कही दूर दाना चुनने चली गयी थी। वह वापस लौटते समय अपना रास्ता भूल गयी। 

मैना के घोंसला में उसके बच्चें बहुत चिंतित थे। उन्होंने घोंसला के बाहर देखना चाहा, लेकिन वे जमीन पर गिर गए।

मैना के बच्चों को डर लग रहा था, कहीं कौआ उन्हें देख ना ले नहीं तो कौआ उन्हें मार डालेगा।

उसी समय विद्यालय की छुट्टी हुयी और विद्यालय के बच्चें उस पेड़ के पास आये।

उन्होंने मैना के बच्चो को देखा, वे समझ गए कि मैना आज पेड़ पर नहीं हैं। 

विद्यालय के बच्चो ने मैना के बच्चों को वापस उनके घोसलों में पहुंचा दिया।

कुछ समय बाद मैना पक्षी वापस उस पेड़ आप आयी। मैना ने अपने बच्चों से उनका हाल पूछा।

उन्होंने बताया कि आज विद्यालय के बच्चों ने उसे घोसलें में सुरक्षित पहुँचाया। मैना ने उन्हें बहुत धन्यवाद दिया और अपने बच्चों को गले से लगा लिया।

शिक्षा - दोस्तों इस कहानी से हमें सिख मिलती हैं की कर भला हो भला। 



ये पाँच बच्चों की कहानियां कहानी जरूर पढ़ें -

  1. कुम्हार और सुराही की कहानी 
  2. शेर और चार मित्र की कहानी 
  3. शेर और चूहा की कहानी 
  4. चार व्यापारियों की कहानी 
  5. बिल्ली और बंदर की कहानी 

दोस्तों भारती हिंदी.com  बच्चों के लिये बहुत ही अच्छी वेबसाइट हैं। यहाँ आपको प्रेरणादायक बच्चों की कहानियां , रोचक तथ्य और अन्य कहानियां पढ़ने को मिलेगी।  अगर आपको यह तीन बच्चों की कहानियां अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें धन्यवाद। 

RELATED POSTS -



No comments:

Post a Comment