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Thursday, 13 September 2018

बिल्ली और चूहा की कहानी - billi aur chuha ki kahani

एक चूहा था, उसका बिल एक खेत के पास था। उस खेत का मालिक एक किसान था, वह अपने खेत में किसी भी जीव जंतुओं को घुसने नहीं देता था।

billi aur chuha ki kahani
 बिल्ली और चूहा

चूहा तो बहुत ही ज्यादा तेज दौड़ता हैं, इसलिये वह किसान चूहे को कभी भी पकड़ नहीं पाता था।

लेकिन वह जब भी खेत आता थोड़ी सी मिट्टी से चूहे के बिल का द्वार बन्द कर देता था।

चूहा जब आता तो उसका बिल बंद रहता था। वह बड़ी मेहनत से उस मिट्टी को हटाता और फिर अपने बिल में जाता था।

एक दिन की बात हैं। किसान पत्थर का टुकड़ा लेकर खेत आया, और उसने वह पत्थर का टुकड़ा उस चूहे के बिल के ऊपर रख दिया।

जब किसान ने वह पत्थर उस बिल के ऊपर रखा उस समय चूहा अपने बिल में आराम कर रहा था।

चूहे की नींद खुली तो उसने देखा कि उसका बिल एक पत्थर के टुकड़े से बंद हैं। वह अब उसे हटा भी नहीं सकता था, क्यों कि पत्थर चूहे के मुताबक बहुत भारी था।

billi aur chuha ki kahani

चूहा रोने लगा, लेकिन तभी उसने कुछ आवाज सुनी, कोई उसके बिल के ऊपर से पत्थर हटा रहा था।

चूहा अब खुश हो गया और कुछ देर बाद चूहे के बिल के ऊपर से पत्थर हट चुका था।

चूहे ने देखा कि उसके बिल के ऊपर से पत्थर उसके सबसे अच्छे दोस्त बिल्ली ने हटाया हैं।

बिल्ली बोली : मित्र, मैंने किसान को एक पत्थर का टुकड़ा ले जाते देखा था। मुझे लगा कि यह किसान तुम्हारे बिल को बन्द करने के लिये ले जा रहा हैं।

उसके बाद चूहे और बिल्ली की दोस्ती और ज्यादा गहरी हो गयी। किसान जब खेत आया तो उसने देखा कि बिल के ऊपर से पत्थर हटा हैं। और वहाँ बिल्ली के पैर के निशान हैं।

अब किसान ने उस बिल्ली को पकड़ने के लिये एक उपाय सोचा। वह बोला : आओ बिल्ली आज तुम बचकर नहीं जा सकती हो।

उसने घर में एक बर्तन में दुध रख दिया और ऊपर एक जाल लगा दिया।

बिल्ली रोज किसान के घर में जाती और जो भी कुछ खाना नीचे गिरा होता था वह खा लेती थी।

आज जब बिल्ली उस किसान के घर में गयी तो उसकी नजर उस बर्तन पर गयी, जिसमें दुध रखा हुआ था।

बिल्ली को दुध देख और ज्यादा भूख लग गयी, वह गयी और झटपट दुध पीने लगी, और वह किसान के जाल में उलझ गयी।

बिल्ली बहुत पैर चला रही थी, लेकिन जाल बहुत मजबूत था। वह बिल्ली से नहीं टूट सकता था।

लेकिन उसी समय वह चूहा बिल्ली का दोस्त आया, उसने अपने नुकीले दाँतों से उस जाल को काट दिया। यह देख बिल्ली बहुत खुश हुयी।

billi aur chuha ki kahani

लेकिन बिल्ली को यह समझ नहीं आया कि चूहा तो खेत में रहता था, लेकिन आज वह उसकी सहायता के लिये यहाँ कैसे पहुँच गया।

चूहे ने बिल्ली से कहा : मित्र आज किसान मेरे बिल के पास आया था। और वहाँ उसने तुम्हारे पैरों के निशान देखें, तब उसने कहा कि आज आओ बिल्ली तुम बचकर नहीं जा सकती हो। में समझ गयी और में तुम्हारी मदद के लिये यहाँ पहुँच गयी।

***
सिख :- बच्चों.....सच्चा दोस्त वही होता हैं, जो मुश्किल वक्त में सहायता करता हैं। इस कहानी में बिल्ली और चूहा दोनों ने मुश्किल में एक दूसरे की सहायता की इसलिये वे एक सच्चे दोस्त हुये।

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