Saturday, 14 July 2018

जगदीशपुर एक गाँव की कहानी | Jagdishpur Gaon ki kahani | Village Story in Hindi

यह कहानी हैं भारत के एक छोटे से गाँव जगदीशपुर की, जहाँ के किसानों की कुछ गलतियों के कारण गाँव में कोई तरक्की नहीं हो रही थी।

Gaon ki kahani

पूरे गाँव के लोग बहुत ज्यादा मेहनत करते थे, उनकी मुख्य  आजीविका खेती ही थी, लेकिन उनके खेतों में उतना अनाज नहीं उगता था जिससे वे अपने गाँव का विकास कर सकें।

एक दिन उस गाँव में एक युवक आया, उसका नाम था मोहन, वह पढ़ लिख कर अपने गाँव के विकास में अपना योगदान देना चाहता था।

शाम के समय उसने गाँव के मुखिया से कहकर एक सभा बुलायी. पूरे गाँव वाले उस सभा में उपस्थित हुए।

मोहन ने कहा : मैंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली हैं, मुझे नये कृषि तकनीकों के बारें में बहुत जानकारी हैं, इसलिए मैं चाहता हूँ की ये गाँव भी विकास करे इसलिए कल से में आपलोगों को नये तरीके से खेती करना सिखाऊंगा।

गाँव के किसान मोहन की बात सुनकर बहुत खुश हुए। अगले दिन मोहन किसानों के साथ उनके खेत देखने गया। 

किसानों से मोहन ने खेती के बारें में पूछा तो पता चला कि किसान फसल काटने के बाद जो भी अवशेष बच जाता हैं, उसे खेत में ही जला देते हैं।

मोहन ने कहा : आपलोग ये गलती करते हैं, खेत में अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरक क्षमता कम हो जाती हैं। आज के बाद आप कभी भी खेत में खर - पतवार मत जलायें।

कुछ देर और घूमने के बाद मोहन ने देखा कि गाँव के जंगलों में लोगों ने बहुत ज्यादा पेड़ काटे हैं, और जंगल में एक भी नये पौधें नहीं लगाये गए हैं।

मोहन ने कहा : आज से प्रत्येक पर्व - त्योहार और छुट्टियों के दिन हम सब पूरे गाँव के लोग एक - एक पेड़ लगाएँगे, इससे हमें अनेकों फायदा मिलेगा, पेड़ पौधें होने के वजह से वातावरण साफ रहेगा, बारिश ठीक समय पर होगी जिससे हमें खेती करने में आसानी होगी।

इस तरह मोहन ने किसानों को नये तरह से खेती करना भी सिखाया.

अच्छी तकनीकों के कारण इस बार बहुत ज्यादा उपज हुई, किसानों ने अपना अनाज मंडी जाकर बेचा, सबको बहुत पैसा मिला। सब बहुत खुश हुए। 

मोहन ने धीरे - धीरे उस गाँव को खुशहाल बना दिया, अब गाँव में स्कूल, अस्पताल, सड़क सब बनने शुरू हो गए।

इस तरफ एक साधारण गाँव खुशहाल हो गया, गाँववालों ने मोहन को अपना नया मुखिया बनाया, बच्चें अब स्कूलों में जाने लगे, चिड़ियाँ पेड़ों पर बैठ चहकने लगी और खेत में अनाजों का ढेर लग गया।

दोस्तों ये थी एक गाँव के खुशहाल बनने की कहानी, हमारे देश का हर एक गाँव खुशहाल बने इसके लिए हम सबको जितना हो सके अपना योगदान देना चाहिए, हमारे छोटे से योगदान से बहुत परिवर्तन आ सकता हैं।

आपको कहानी कैसी लगी ये बताएँ, कहानी अच्छी लगी हो तो शेयर करें, नीचे ऐसी ही रोचक कहानी दी गयी हैं वो भी जरूर पढ़ें।

Related Stories -

No comments:

Post a Comment