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घमण्डी हाथी और चींटी | Hindi kahani for kids | Ghamandi Hathi Aur Chinti

एक जंगल में एक हाथी रहता था, वह बहुत ही घमण्डी था। वह बिना किसी बात के जंगल के जानवरों को परेशान किया करता था। 

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Hindi kahani For Kids

जंगल के सभी जानवर उससे परेशान रहते थे, वह इतना बलवान था कि उस जंगल का शेर भी उससे से डरता था।

एक दिन हाथी ने एक तोते को पेड़ पर बैठे देखा, उसके  दिमाग में एक आया कि अब चिड़ियों और छोटे जानवरों को  भी परेशान करना हैं।

जिस पेड़ पर तोता बैठा था, हाथी ने उसे जोर - जोर से हिलाना शुरू कर दिया।

तोता डरकर उस पेड़ से उड़ गया, हाथी ने जब तोते को डरकर उड़ते देखा वह जोर - जोर से हँसने लगा।

हाथी इसी तरह से चिड़ियों को भी परेशान किया करता था, एक दिन की बात हैं।
हाथी नदी में पानी पीने गया, उसने देखा कि एक चींटी अपने पीठ पर चीनी का दाना लिए पेड़ पर चढ़ रही हैं।

हाथी ने अपने सूंढ में पानी भरा और चींटी के ऊपर डाल दिया, बेचारी चींटी पूरी तरह से भींग गयी, उसका चीनी का दाना भी खो गया, उसे बहुत दुख हुआ।

एक दिन की बात हैं, चींटी अपना भोजन ढूंढने के लिए कहीं जा रही थी। तभी उसकी नजर हाथी पर गयी, वह गहरी नींद में सो रहा था।

हाथी को सबक सिखाने के लिए चींटी धीरे - धीरे हाथी के सूंढ में घुस गई और जोर - जोर से काटने लगी।

हाथी की नींद खुल गयी, वह परेशान हो गया, हाथी चींटी से बाहर निकलने के लिए आवाज देने लगा।

लेकिन चींटी ने उसे काटती रही, हाथी चिल्लाने लगा और अब उसे समझ में आ गया था कि दूसरों को परेशान करना कितनी बुरी बात हैं।

कुछ देर बाद चींटी हाथी के सूंढ से बाहर निकल गयी, चींटी जब बाहर आयी तब हाथी को आराम हुआ, वह चींटी से माफी मांगने लगा।

चींटी ने कहा : दूसरों को परेशान करने में तुम्हें बहुत मजा आता था, देखा इसलिए आज के बाद कभी किसी को परेशान मत करना। 

हाथी को भी अपनी गलती का ऐहसास हो गया था, उसने कहा : हाँ मुझे माफ़ कर दो, आज के बाद में किसी को परेशान नहीं करूंगा।

उसके बाद हाथी ने कभी किसी को परेशान नहीं किया, सभी जानवर और पक्षी उसके दोस्त बन गये और वह खुशी - खुशी जंगल में रहने लगा।

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