Monday, 11 June 2018

प्रेणादायक कहानी - बाज की उड़ान - Short Motivational Story In Hindi

प्रेणादायक कहानी - बाज की उड़ान - Short Motivational Story In Hindi


किसी नगर में एक राजा रहता था। उस राजा को बाज पालने और उसकी ऊँची उड़ान देखने का शौक था।

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एक दिन उसने दो बाज के बच्चों को मंगवाया, उसे पालने और उड़ान सीखने के लिए एक व्यक्ति नियुक्त किया।

वह व्यक्ति उस बाज के बच्चों को उड़ना सिखाने लगा, उसकी देखभाल करता और उसे अच्छे से रखता था।

जब तीन महीना गुजर गया तो एक दिन राजा ने सोचा अबतक तो बाजों को उड़ना आ जाना चाहिए था। लेकिन उस व्यक्ति ने कोई संदेश अभी तक नहीं भेजा।

यह सोचकर एक दिन राजा खुद उस व्यक्ति के पास पहुँचा, राजा ने बाज को उड़ाने के लिए कहा..!!

उस व्यक्ति ने दोनों बाजों को आसमान की तरफ उछाला, उनमें से एक बाज उड़ते हुए आसमान को छूने लगा।
उसे देख राजा बहुत खुश हुआ।

लेकिन वह दूसरा बाज कुछ ऊंचाई पर जाता और वापस एक पेड़ की डाल पर आ बैठता था।

उसे वह व्यक्ति फिर से आसमान में उछालता लेकिन वह बाज फिर उसी डाल पर आकर बैठ जाता था।

उस व्यक्ति ने कहा महाराज इस बाज की यही समस्या हैं। इसे में तीन महीनों से सीखा रहा हूँ। लेकिन कुछ भी करता हूँ, यह उड़ कर उसी डाल पर बैठ जाता हैं।

राजा ने घोषणा करवा दी जो कोई भी व्यक्ति उस बाज को उड़ना सीखा देगा तो उसे बहुत इनाम मिलेगा।

बहुत सारे पक्षी के जानकार आये उन्होंने बहुत तरह से उस बाज को उड़ना सिखाया लेकिन वे हार मानकर वापस चले गए।

सबसे अंत में एक किसान आया, उसने भी उस बाज को उड़ना सिखाया और मात्र दो दिन में ही वह बाज आसमान छूने लगा।

जब राजा को खबर हुए, उन्होंने आकर देखा जैसे ही किसान ने दोनों बाज को उछाला वे दोनों आसमान छूने लगे।

राजा ने किसान को बहुत सारा इनाम दिया फिर पूछा कि तुमने ये कैसे किया ?


किसान ने कहा महाराज मैंने दो दिन में देखा कि इस बाज को कितना भी उड़ाओ ये बाज उसी डाल पर आकर बैठता था।इसलिए मैंने उस डाल को ही काट दिया जिसपर बैठने का इस बाज को लत पड़ गयी थी। जब वह डाल को मैंने काट दिया तो वह बाज उड़ने लगा।

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