r

Tuesday, 5 June 2018

किसान और उसके चार आलसी बेटों की कहानी - लकड़ी का गट्ठर

Kisan Ke Char Bete Ki Kahani - लकड़ी का गट्ठर 


किसी गाँव मे वक किसान रहता था। वह बहुत सुखी सम्पन्न था। गाँव के लोग उसका बहुत आदर करते थे।

उस किसान के चार बेटे थे, जिनकी आपस में कभी नहीं बनती थी। चारों हमेशा आपस में लड़ते - झगड़ते रहते थे।

Kisan ke char bete

एक दिन की बात हैं, किसान एक लकड़ी का गट्ठर लेकर आया, फिर उसनें अपने चारो बेटों को बुलाया।


किसान ने कहा : तुम्हें इस लकड़ी के गट्ठर को बिना अलग किये पूरे गट्ठर को एक साथ तोड़ना हैं।

उसके चारों बेटों ने लकड़ी के गट्ठर को तोड़ने का प्रयास किया लेकिन किसी से भी वह गट्ठर नहीं टूटा.

अब किसान ने उस गट्ठर को खोल दिया और कहा कि अब एक -एक कर इसे तोड़ दो।

अबकी बार चारों ने आसानी से लकड़ी लिया और तोड़ दिया।

 फिर उसके बेटों से रहा नहीं गया, और एक ने पूछा - पिताजी आपने हमें ऐसा करने के लिये क्यो कहा...?

किसान ने कहा - जब सभी लकड़ी एक थी। वे आपस में बंधे हुए थे। तो तुमने कितना भी कोशिस किया लेकिन तोड़ नहीं सके।

और जैसे ही लकड़ी को अलग कर दिया गया, तो तुमने उसे बड़ी ही आसानी से तोड़ दिया। 

तुम हमेशा आपस में झगड़ते रहते हो, अगर तुम ऐसे ही अलग होकर रहोगे तो किसी भी समस्या में फंस कर हार जाओगे।

लेकिन अगर चारों एक होकर रहोगे, आपस में कभी झगड़ा नहीं करोगे तो तुमें कोई भी नहीं हरा पायेगा।
कैसी भी समस्या को तुम आसानी से सुलझा सकते हो।

अब तुम्हें सोचना हैं कि तुम आपस में प्यार से एक होकर रहना चाहते हो कि झगड़ते हुए अलग रहना चाहते हो..?

उसके चारों बेटों को बात समझ में आ गयी। उन्होंने किसान से वादा किया आज के बाद हम भी आपस में एकता से रहेंगे।

दोस्तों इस कहानी में जो किसान ने समझाया हैं, वो बिल्कुल सच हैं, और एक कहावत तो आपने सुनी ही होगी 'एकता में बल होती हैं' दोस्तों आशा करता हूँ कि ये कहानी आपको अच्छी लगी होगी। नीचे दी गयी पाँच कहानियाँ भी इसी तरह की रोचक हैं वो जरूर पढ़िए।

ये भी पढ़ें-

Thanks for reading - kisan ke char bete ki kahani

No comments:

Post a Comment