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Saturday, 30 June 2018

बिल्ली और बंदर की कहानी - Billi Aur Bandar Ki Kahani In Hindi

बिल्ली और बंदर की कहानी - Billi Aur Bandar Ki Kahani In Hindi


एक जंगल में दो बिल्लियाँ रहती थी, उनमें अच्छी दोस्ती थी। वो हमेशा साथ में खाना ढूंढ़ने जाती थी।

एक दिन की बात हैं, दोनों बिल्लियों को एक रोटी मिली, रोटी पाकर वो बहुत खुश हुई, बिल्लियों ने रोटी को दो टुकड़ों में तोड़ा और आधी - आधी रोटी लेकर जंगल आ गयी।

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बिल्ली और बंदर की कहानी
लेकिन जब वह जंगल आयी तो एक बिल्ली को उसकी रोटी का टुकड़ा छोटा लगा, वो दूसरी बिल्ली से बोली की मेरी रोटी का टुकड़ा छोटा हैं, तुम अपने टुकड़े में से थोड़ा मुझे दो।

लेकिन दूसरी बिल्ली को भी उसका टुकड़ा छोटा लग रहा था। अब दोनों बिल्लियाँ आपस में झगड़ने लगी।

वहाँ एक पेड़ पर एक बंदर बैठा इनकी बातें सुन रहा था, बंदर बोला : सुनो बिल्लियों, तुम्हें लगता हैं कि रोटी का टुकड़ा छोटा हैं तो में तराजू से उसे दोनों में बराबर भाग में बांट सकता हूँ।

अब बिल्लियाँ बंदर के नजदीक गयी और बोली : ठीक हैं, अब तुम्हीं इसे बराबर भाग में बांट दो।

बन्दर एक तराजू लाया और उसने दोनों टुकड़ों को तराजू के दोनों तरफ रखा और जैसे ही उसनें तराजू उठाया तराजू एक तरफ झुक गया।

बंदर ने उसे बराबर करने के लिए थोड़ा तोड़ा और खुद खा लिया। और वापस तराजू उठाया।

लेकिन इस बार तराजू दूसरी तरफ झुक गया, बंदर ने उसे बराबर करने के लिए फिर थोड़ा तोड़ खा लिया।

कुछ देर तक बंदर ऐसा करता गया और अब तराजू में छोटा सा टुकड़ा शेष रह गया था।

अब उन बिल्लियों से रहा नहीं गया, उन्होंने पूछा : तुम ये कैसा बंटवारा कर रहे हो, तुम जाओ हम खुद ही बांट लेंगे।

इसपर बंदर ने कहा : ठीक हैं। लेकिन मैंने जो इतना मेहनत किया उसकी मजदूरी तो होगी। और बंदर तराजू में जो रोटी बची थी वो लेकर पेड़ पर चढ़ गया।

अब दोनों बिल्ली को समझ में आया की आपस में झगड़ा करने से अपना ही नुकशान होता हैं, और इसका लाभ तीसरा ले जाता हैं। उस दिन के बाद दोनों बिल्लियाँ आपस में कभी भी झगड़ा नहीं करती थी।

शिक्षा : देखा बच्चों इसलिए कभी भी आपस में झगड़ा नहीं करना चाहिए।

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1 comment:

Ankur Rathi said...

Nice work, keep it up

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