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Friday, 11 May 2018

Moral Story For Childrens - मोहन और जादुई गुल्लक

Moral Story - मोहन और जादुई गुल्लक 


नदी किनारे एक बहुत ही सुंदर गाँव था , उस गाँव में एक लड़का था मोहन , वह बहुत मेहनती तथा ईमानदार था ,

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Moral Story For childrens

एक रात जब मोहन सोया था उसके सपने में भगवान् आए और उन्होनें
मोहन से कहा - मोहन कल जब तुम बगीचे में खेलने जाओगे तो तुम्हें एक गुल्लक मिलेगा , जब तुम एक नेक काम करोगे तो उस गुल्लक में अपने आप एक सिक्का आ जायेगा..... जब वह सिक्को से भर जाये तभी तुम उसे तोड़ना पहले नहीं ,

सुबह हुआ तो  मोहन बगीचे में खेलने गया , उसे वहाँ एक गुल्लक मिला , मोहन बहुत खुश हुआ , उसने वह गुल्लक लाया और अपने घर में रख लिया ,

दुसरे दिन मोहन जब नदी किनारे घूम रहा था तभी उसकी नजर एक चींटी पर गयी जो नदी में डूब रही थी , मोहन गया और उस चींटी को बाहर निकाल एक पत्थर पर रख दिया , 

जब  घर गया तो उसके गुल्लक में एक सिक्का था , मोहन जब भी नेक काम करता उसके गुल्लक में एक सिक्का आ जाता था , 

कुछ ही दिन में उसका गुलाक भर गया अब उसमें बस एक सिक्का ही कम था , मोहन उसे तोड़ पैसे निकाल सकता था ,

एक दिन मोहन के घर पर एक बुढा व्यक्ति आया और उसने कहा - बेटा मैं बीमार हूँ , मुझे कुछ पैसों की जरुरत हैं , क्या तुम दे सकते हो..?

मोहन सोचने लगा गुल्लक तोड़ दूँ या नहीं , लेकिन वह व्यक्ति बहुत ज्यादा बीमार लग रहा था , मोहन ने अपना गुल्लक लाया और उस बीमार व्यक्ति को देते हुए कहा ...यह लो बाबा आप इस पैसें से अपना इलाज करा लीजिये , बाबा गुल्लक ले चले गए ....|


रात में भगवान् फिर सपने में आये और कहा मोहन तुमनें बहुत अच्छा काम किया वह बुढा व्यक्ति में ही था , तुम जाओ तुम्हारा गुल्लक पैसो से भरा अपनी जगह पर मिलेगा, और आज से ऐसे ही अच्छा काम करते रहना, 

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