Tuesday, 29 May 2018

मेहनत | Hindi Short Stories With Moral


दोस्तों यह तीनों कहानियाँ (Hindi Short Stories With Moral)  बहुत ही अधिक प्रेरक हैं इन कहानियों से आपको  सीखने को मिलेगा, आपसे अनुरोध हैं की इन कहानियों को पढ़ें और अगर आपको यह अच्छा लगे तो एक शेयर जरूर करें।

 1. मेहनत | Hindi Short Stories With Moral 



एक गाँव मे एक किसान रहता था। उसके चार बेटे थे, लेकिन चारों हमेशा खेलने और मस्ती में व्यस्त रहते थे। किसान अपने बेटों को समझा कर थक चुका था, लेकिन उनपर इसका कोई असर नहीं होता था। 

एक दिन किसान ने सोचा की अभी तो मैं काम करने के लायक हुँ इसलिए अभी मेहनत करके में इनका भरण - पोषण कर दूँगा, लेकिन जब मैं बूढा हो जाऊँगा तब इनका क्या होगा। 

यह सोच उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक उपाय सोचा। अगले दिन सुबह किसान अपने रिश्तेदार के यहाँ चला गया। जब उसके बेटे जब शाम को खेलने और घूमने आये तो उन्होंने अपनी माँ से पूछा की पिताजी कहाँ गए हैं.....?

उनकी माँ बोली पिताजी रिश्तेदार के यहाँ गए हैं। पिताजी ने कहा हैं कि वो चोर के डर से अपनी कमाई का पैसा एक मटके में रखकर खेत में छुपा दिया हैं। अगर घर में पैसों की जरूरत हो तो खेत से ढूंढ के निकाल लेना। चारों बेटे सुन कर बहुत खुश हुए।  

कुछ दिनों बाद उनके घर में धन की जरुरत पड़ी, धन की जरुरत पड़ते ही चरों बेटों को पिता का रखा हुआ धन याद आया। उन्होनें अपनी माँ से कहा - आज हमलोग जाकर धन निकाल लेते हैं। 


चारों ने पूरे खेत को खोद दिया लेकिन उन्हें एक भी पैसा कहीं नहीं मिला। वे वापस आ गए. और अपनी माँ से कहा कि धन तो खेत में नहीं हैं। 

तब माँ बोली अच्छा सुनो हम कुछ धन किसी से उधार ले लेते हैं। जब तुमनें खेत खोद ही दिया हैं तो ये बीज भी डाल आओ। 

चारों ने बहुत अच्छे से बीज डाल दिया। कुछ ही दिन में अंकुर फुट गए और फसल अच्छी थी। अपनी मेहनत से उगाये हुए फसल को देख उनका मन प्रसन्न हो जाता था। 

अब उसके चारों बेटों को ये काम अच्छा लगने लगा और उनका मन भी लगने लगा। कुछ दिन बाद किसान वापस लौटा और अब उनके बेटे पहले जैसे नहीं थे । वो मेहनती हो गए थे। 

किसान ने वापस लौटते समय देखा की उसके खेत में बहुत अच्छी फसल उगायी गयी हैं, इस बार चारों तरफ में सबसे अच्छी फसल उस किसान के खेत में थी। 

किसान समझ गया की उसकी योजना सफल हो गयी।  उसके बेटे अपनी जिम्मेदारी समझ चुके थे।  किसान ने घर पहुँच कर देखा तो उसके चरों बेटे पूरी लगन से अपना काम कर रहे थे, यह देख किसान ने अपने चारों बेटों को गले से लगा लिया।

पिता उस नीम  तरह हैं 
जिसका पत्ता भले ही कड़वा हो 
लेकिन छाया हमेशा ठंडी ही देता हैं। 

Hindi Short Stories With Moral - इस कहानी में एक पिता ने अपने बेटों को सुधार लिया मेहनत करना सीखा दिया। किसान का तरीका भी अच्छा था,  हमें मेहनत से कभी भी पीछे नहीं हटना चाहिए, ये सीख हमें इस कहानी से सीखने लो मिलता हैं।


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 2. चित्रकार की गलती | Hindi Short Stories With Moral 


एक समय की बात है, किसी शहर में एक चित्रकार रहता था।  वह बहुत अच्छे चित्र बनाता था, उसके द्वारा बनाये गये चित्रों की लोग बहुत तारीफ करते थे। 

एक दिन की बात हैं, चित्रकार के मन में यह बात आयी की उसकी चित्र सच में अच्छी होती हैं या लोग बस ऐसे ही उसके मुंह पर उसकी तारीफ करते हैं।

Short Stories In Hindi With Moral

यह सोचकर उसने अपनी एक सबसे अच्छी चित्रकारी शहर के एक चौराहे पर लगा दी और उसके निचे लिख दिया - " जिसे भी इस तस्वीर में कोई कमी दिखे वह वहाँ एक निशान लगा दे "

जब शाम को वह अपनी पेंटिंग देखने गया, तो वह चौंक गया, उसकी पेंटिंग्स में बहुत सारे निशान लगे हुये थे, उसकी पेंटिंग्स पूरी तरह खराब हो गयी थी। 

उसने अपनी वह पेंटिंग उठायी और उसे चुपचाप अपने घर ले आया। उसके बाद उसका मन पेंटिंग बनाने का नहीं कर रहा था। 


उसने अब पेंटिंग बनाना छोड़ दिया, क्यों की जिस पेंटिंग में लोगों ने इतने सारे निशान लगाये थे वह उस चित्रकार की सबसे अच्छी पेंटिंग्स में से एक थी। 

बहुत दिन तक वह अपने घर में उदास बैठा रहा, कुछ दिन बाद उससे मिलने उसका एक दोस्त आया, वह भी चित्रकार था। 

उसने पूछा - दोस्त क्या हुआ हैं, अब तुम चित्र क्यों नहीं बनाते हो..? मैंने तुम्हें बहुत दिनों से एक भी चित्र बनाते नहीं देखा हैं ?

चित्रकार ने अपने दोस्त को वह पेंटिंग्स की बात बतायी और वह ख़राब हो चुकी पेंटिंग्स भी दिखायी। 

उसके दोस्त ने उसने कहा - शायद लोगों ने ऐसे ही निशान लगा दिया होगा।  अब तुम एक और चित्र उस चौराहे पर लगाओ, देखते हैं की इसबार लोग क्या कहते हैं। 

चित्रकार ने एक और चित्र उस चौराहे पर लगाने के लिए लाया, और चित्र पर पहले की तरह लिखने लगा। 

इसबार उसके दोस्त ने उसे रोका और उसने वहाँ निशान लगाने के बदले यह लिख दिया -

"जिसे भी इस तस्वीर में कोई कमी दिखे वह उसे ठीक कर दे "

शाम को जब चित्रकार अपने दोस्त के साथ वहाँ गया तो वह फिर चौक गया - आज किसी ने भी उसके चित्र में कोई गलती नहीं निकाली थी। उसके चित्र में एक भी जगह कमीं नहीं थी। 

वह दोस्त ने उस चित्रकार से कहा - देखो दोस्त जिससे तुम अपने चित्र के बारे में सलाह माँग रहे थे, वे चित्रकारी के बारे में कुछ नहीं जानते थे, वे बस ऐसे ही निशान लगाकर चले जाते थे। 

गलती तुम्हारे पेंटिंग्स में नहीं थी, गलती तो उनलोगों से सलाह माँगने में थी, जिन्हें चित्रकारी के बारे में कुछ मालूम नहीं हैं। 

अब चित्रकार को अपनी गलती समझ में आयी, उसने वह पेंटिंग्स उठाकर अपने घर ले आया और उसके बाद उसने बहुत अच्छी - अच्छी चित्रकारी बनायी, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया। 

कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम हैं कहना 

Hindi Short Stories With Moral - इस कहानी से हम यह सीख सकते हैं की सलाह हमेशा उसी से लेना चाहिये जिसे उस काम के बारे में कुछ जानकारी हो, बिना जानकारी वाले लोगों से सलाह लेना भी एक गलती ही हैं।

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 3. उम्मीद | Hindi Short Stories With Moral 


एक बार एक आदमी रेगिस्तान में कहीं भटक गया। उसके पास खाने - पीने की जो थोड़ी बहुत चीज थी वो जल्दी ही खत्म हो गयी उसके शरीर का सारा पानी सुख चूका था और पिछले कई दिनों से वह पानी की एक बूंद के लिये तरस रहा था।

Hindi Short Stories With Moral

अब उसे यह समझ आ गया था की अगर उसे अगले कुछ घंटों में उसे पानी नहीं मिला तो उसकी मौत तो पक्की हैं।

लेकिन कहीं ना कहीं उसे ईश्वर में यकीन था की कुछ चमत्कार होगा और उसे पानी मिल जायेगा, तभी उसे एक झोपडी दिखाई दी। उसे अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ पर उस आदमी के पास यकीन करने के आलावा कोई चारा भी तो नहीं था आखिर ये उसकी आखरी उम्मीद जो थी।

वो अपनी बची - खुची ताकत से उस झोपडी की तरफ बढ़ा.....जैसे जैसे वह झोपडी के करीब जाता उसकी उम्मीद पक्की होती जा रही थी, इस बार उसकी आँखों को कोई धोखा नहीं हुआ था बल्कि उस जगह एक झोपडी सच में मौजूद थी।


लेकिन जैसे ही वह झोपडी के नजदीक गया, ये क्या वहां तो कोई भी मौजूद नहीं था वह झोपडी पूरी तरह से वीरान परी थी। फिर भी पानी की उम्मीद में वह आदमी झोपडी के अंदर घुसा अंदर का नजारा देख उसकी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ।


झोपड़ी में एक हैंडपंप लगा हुआ था, आदमी एक नयी ऊर्जा से भर गया, पानी की एक बून्द के लिये तरसता वह आदमी जल्दी - जल्दी हैंडपंप चलाने लगा, लेकिन यह क्या हैंडपंप तो कब का सुख चूका था।

आदमी निराश होकर जमीन पर गिर पड़ा, उसे लगा की अब वह मर रहा हैं, लेकिन तभी उसे झोपड़ी के छत से बंधी एक पानी की बोतल दिखी। उसने बिना देर किये हुए उस पानी की बोतल की उतार लिया।

अब वह बोतल खोलकर पानी पीने ही वाला था की तभी उसने बोतल पर चिपका एक कागज देखा उसपर कुछ लिखा हुआ था, उसपर लिखा था।

"इस पानी का उपयोग इस हैंडपंप को चलाने के लिये करो
बाद में इस बोतल को भर के वापस वही लगा देना"

अब यह उस आदमी के लिये अजीब स्थिति थी, उसे समझ नहीं आ रहा था की वह इस पानी को पीकर अपनी जान बचाये या फिर इस पानी से उस सूखे हैंडपंप को चालू करे।

उसके मन में यह तमाम सवाल चलने लगे। अगर पानी डालने के बाद भी यह हैंडपंप नहीं चला...? क्या पता की जमीन के नीचे का पानी ही सुख गया हो...? पता नहीं की बोतल पर लिखी यह बात सच है की झूठ...? मगर सच भी तो हो सकती हैं.....? बात झूठ निकली तो वह आदमी प्यास से मर भी सकता हैं। यह सब बातें उसके मन में चल रही थी। 

फिर कुछ सोचने के बाद उस आदमी ने बोतल का ढक्कन खोला और काँपते - काँपते उस हैंडपंप में पानी डालने लगा, पानी डालकर उसने मन में भगवान से प्रार्थना की और उस हैंडपंप को चलाने लगा.....एक दो तीन चार और उस हैंडपंप से ठण्डा ठण्डा पानी गिरने लगा। 

वह पानी अमृत से कम नहीं था।  उस आदमी ने जी भर पानी पिया और फिर उस बोतल को भर के वापस ऊपर लगाने लगा उसी समय उसे एक शीशे की बोतल दिखी उसमें एक पेंसिल और नक्शा थी जिसपर रेगिस्तान से बाहर निकलने का रास्ता बना हुआ था। 

आदमी ने उस नक्शे को अपने कपड़े पर पेंसिल से बना लिया और उसे वापस उस जगह रख दिया और उसने अपने बोतल में थोड़ा पानी भरा और उस झोपड़ी से बाहर निकल गया। 

लेकिन कुछ दूर जाने के बाद उस आदमी ने वापस मुड़कर उस झोपड़ी को देखा और फिर वह वापस उस झोपड़ी में आ गया, उसने वह पानी की बोतल उतारी और उसपर पेंसिल से कुछ लिखने लगा। 

उसने लिखा - मेरा यकीन करिये ये काम करता हैं। 


Hindi Short Stories With Moral - दोस्तों यह कहानी हमें सीखाती है की कैसी भी बुरी - से बुरी स्थिति में भी हमें उम्मीद नहीं छोड़ना चाहिये। कुछ भी बड़ा पाने के लिये हमें अपनी ओर से कुछ देना होता हैं...जैसे उस आदमी ने उस हैंडपंप को चलाने के लिये हाथ में मौजूद सारा पानी उसमें डाल दिया जो उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण थी।

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