Hindi Short Stories With Moral । मेहनत


Hindi Short Stories With Moral । मेहनत 

एक गाँव मे एक किसान रहता था। उसके चार बेटे थे , लेकिन चारों हमेशा खेलने और मस्ती में व्यस्त रहते थे। किसान अपने बेटों को समझा कर थक चुका था , लेकिन उनपर इसका कोई असर नहीं होता था। एक दिन किसान ने सोचा अभी तो मैं काम करने के लायक हुँ , लेकिन जब मैं बूढा हो जाऊँगा तब इनका क्या होगा। इसलिए उसने अपनी पत्नी के साथ
Hindi Short Stories With Moral
मिलकर एक उपाय सोचा। अगले दिन किसान सुबह अपने रिश्तेदार के यहाँ चला गया। उसके बेटे जब शाम को खेल कर आये तो उन्होंने अपनी माँ से पूछा की पिताजी कहाँ गए हैं?

उनकी माँ बोली पिताजी रिश्तेदार के यहाँ गए हैं। पिताजी ने कहा हैं कि वो चोर के डर से अपनी कमाई का पैसा एक मटके में रखकर खेत में छुपा दिया हैं। अगर घर में पैसों की जरूरत हो तो खेत से ढूंढ के निकाल लेना। चारों बेटे सुन कर बहुत खुश हुए। और एक दिन उन्होनें अपनी माँ से कहा - आज हमलोग जाकर पैसा निकाल लेते हैं। चारों ने पूरे खेत को खोद दिया लेकिन उन्हें एक भी पैसा कहीं नहीं मिला। वे वापस आ गए. और अपनी माँ से कहा कि पैसा तो खेत में नहीं हैं। तब माँ बोली अच्छा सुनो हम पैसा किसी से उधार ले लेते हैं। जब तुमनें खेत खोद ही दिया हैं तो ये बीज भी डाल आओ। चारों ने बहुत अच्छे से बीज डाल दिया। कुछ ही दिन में अंकुर फुट गए और फसल अच्छी थी। अब उसके चारों बेटों को ये काम अच्छा लगने लगा , और उनका मन भी लगने लगा। कुछ दिन बाद किसान वापस लौटा और अब उनके बेटे पहले जैसे नहीं थे । वो मेहनती हो गए थे। किसान ने अपने चारों बेटों को गले से लगा लिया।

इस कहानी में एक पिता ने अपने बेटों को सुधार लिया मेहनत करना सीखा दिया। किसान का तरीका भी अच्छा था,  उन्हें धन्यवाद और हमें मेहनत से कभी भी पीछे नहीं हटना चाहिए, ये सीख हमें इस कहानी से सीखने लो मिलता हैं।

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