Saturday, 7 April 2018

अच्छी अच्छी कहानियां - साधु की सीख - achi achi kahaniya





अच्छी अच्छी कहानियां - साधु की सीख 


एक राज्य में एक राजा रहता था , जो बहुत ही घमंडी था उसके घमंड के चलते पड़ोसी राज्य से उसकी दुश्मनी हो गयी थी उसके अपने राज्य के लोग भी उसकी निंदा करते थे। 

एक दिन उस राज्य में एक साधू आये , उन्होंने उस राज्य में बहुत गरीबी देखा, पूछने पर लोगों ने अपने राजा की बुराई की और उसके घमंड के बरे में बताया , साधू ने राजा को सबक सिखाने की सोची। 

साधू राजा के पास गए , राजा ने उनसे पूछा आप क्या चाहते हैं महात्मा ?

साधू ने कहा - हे राजा में इस झोपड़ी में कुछ दिन रहना चाहता हूँ .

राजा बोला - ये कोई झोपडी नहीं हैं , यह मेरा राज महल हैं, महल

साधू ने कहा - इससे पहले इस महल का राजा कौन था ?

राजा ने कहा - मेरे पिता इससे पहले राजा थे .

साधू ने फिर पूछा- तुम्हारे पिता से पहले कौन था ?

राजा ने उत्तर दिया - मेरे दादा थे यहाँ के राजा .

साधू ने कहा - मुझे तुम अपना कमाया हुआ कुछ दो , क्यों की ये राज्य और धन तो तुम्हारे पिता और दादा का हैं .

राजा चुप रहा उसे कुछ समझ नहीं आया , साधू उस महल में रुक गया , जब रात हुयी तो साधू राजा को भेष बदलवा उसके राज्य में ले गया , राजा जैसे ही महल से बाहर निकला वह परेशान हो गया ,

उसके राज्य में बहुत गरीबी थी और सब उसकी निंदा करते थे , राजा का घमंड टूट गया वह साधू के चरणों में 
गिर गया और प्रतिज्ञा की की वह अपने राज्य में ख़ुशी और रोजगार लायेगा ..!!



भगवान् श्री कृष्णा ने गीता में कहा हैं -

तुम्हारा क्या गया जो तुम रोते हो ? तुम क्या लाए थे, जो तुमने खो दिया ? तुमने क्या पैदा किया था, जो नाश हो गया? न तुम कुछ लेकर आए, जो लिया यहीं से लिया। जो दिया यहीं पर दिया। खाली हाथ आए और खाली हाथ चले।  जो आज तुम्हारा हैं, कल और किसी का था।  परसों किसी और का होगा।  तुम इसे अपना समझ कर मगन हो रहे हो।  बस यही प्रसन्नता तुम्हारे दुखों का कारण हैं।  



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