Monday, 8 January 2018

Story with moral - किसान और बुढा व्यक्ति

Story with moral 

एक बार की बात हैं | एक किसान अपनी बैलगाड़ी पर बहुत सारा सामान लाद कर कहीं जा रहा था |

रास्ते में एक गड्ढा था ,उसकी बैलगारी उस गड्ढे में फँस गयी | उसने बैलों की रस्सी खींचा लेकिन गाड़ी पर

 सामान बहुत था | गाड़ी आगे नहीं बढ़ी |

 किसान बैठ कर किसी के आने का इंतजार करने लगा |

बहुत देर बाद वहां से एक बुढा व्यक्ति गुजर रहा था ,

उसने किसान को देखा तो सारी बात उसके समझ में आ गयी |
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लेकिन किसान ने सोचा यह बुढा व्यक्ति उसकी मदद कैसे कर सकता हैं |


बुढे व्यक्ति ने कहा - किसान भाई तुम किसका इंतजार कर रहे हो..?

किसान बोला - में यहाँ किसी ऐसे व्यक्ति का इंतजार कर रहा हूँ जो मेरी गाड़ी को धक्का देकर गड्ढे से बाहर निकाल दे |

बुढे व्यक्ति ने कहा - तुम खुद गाड़ी पर बैठ कर किसी की मदद का इंतजार कर रहे हो  इससे अच्छा हैं

 तुम गाड़ी से नीचे उतरो खुद गाड़ी को धक्का दो अगर तुम ऐसा करोगे तो ईश्वर तुम्हारी मदद करेंगे |

किसान ने बुढे व्यक्ति की बात मानी और खुद गाड़ी से नीचे उतर धक्का देने लगा |

बैलों ने भी जोर लगाया और गाड़ी झट से गड्ढे से बाहर निकल गयी |

 किसान ने बुढे व्यक्ति और ईस्वर को धन्यवाद दिया और बैलों की प्यार से पुचकारा और ख़ुशी - ख़ुशी आगे चल   दिया |

इस कहानी का तात्पर्य यह है की जो खुद की मदद करता हैं ईश्वर उसकी मदद करता हैं |

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