Sunday, 28 January 2018

पंचतंत्र की कहानी - नीला सियार | Panchtantra story in hindi

Panchtantra story in hindi
किसी जंगल में एक सियार रहता था | वह हमेशा दुसरे जानवरों को बेवकूफ बनता था | एक दिन की बात हैं, 

वह जंगल से बाहर गाँव में घुमने आया , उस गाँव में बहुत सारे धोबी कपड़ा धो रहे थे |

बच्चों ने सियार को देखा तो उसे दौराने लगे , सियार भागते - भागते नील से भरे नाद में गिर गया |

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पंचतंत्र की कहानी - नीला सियार 


उसका पूरा शरीर नीले रंग का हो गया , जब वह वापस जंगल आया तो उसे देख सभी जानवर डर गए |

उसने सोचा सबको बेवकूफ बनाते हैं |


वह एक पत्थर पर जाकर बैठ गया और बोला - सभी जानवर को मेरे पास बुलाओ ,

जंगल के सभी जानवर उसके पास आ गये , नीला सियार ने कहा - मुझे इस जंगल के देवता ने भेजा हैं , आज से में इस जंगल का राजा हूँ |

जानवरों ने नीले सियार की बात मान लिया और उसे अपना राजा मानने लगे |

राजा ने शेर को अपना पहरेदार बना दिया , हाथी को अपना सवारी बनाया , और छोटे - छोटे जानवर उसकी सेवा में हमेशा रहने लगे |

वह सबको बेबकूफ बना कर मन ही मन बहुत खुश रहता था |

एक दिन जंगल के सियार हुआं - हुआं कर बोल रहे थे | नीला सियार यह भूल गया की वह राजा हैं, उसने भी जोर - जोर से हुआं - हुआं करना सुरु कर दिया |

राजा को हुआं - हुआं करते देख सभी जानवर समझ गए की यह सियार हैं |

सभी जानवर उसे मारने के लिए दौरे , बेचारा सियार को जान बचाने के किये जंगल छोड़ कर भागना पड़ा |

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती हैं की कभी भी दूसरों को बेवकूफ नहीं बनाना चाहिए |

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