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Monday, 29 January 2018

पंचतंत्र की कहानियाँ - चिड़ियों की बरसात | Panchtantra Stories in Hindi

( Panchtantra Stories in Hindi )

एक जंगल था,  जिसमें बहुत सारी चिड़ियाँ रहती थी , इस साल जंगल में बरसात नहीं हुई ,  जिसके कारण पेड़ो के सारे पत्ते झड़ गये थे |

पेड़ सुखा पर गया था ,  चिड़ियाँ  बहुत चिंतित थी ,  इस साल अंडे कहाँ देंगे |

घोंसला बनाने के लिए जगह नहीं थी |

मजबूर होकर चिडियों को अपना घोंसला छोटी झाड़ियो में ही बनाना परा

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 Panchtantra Stories in Hindi

चिडियों ने अपने अंडे नये घोंसले में ही  दिया |


एक दिन की बात हैं | झाड़ियो से एक हाथी गुजरा और चिडियों के अंडे जमीन पर गिर कर फुट गए |

चिड़िया बहुत दुखी हो गई | रोते - रोते उन्होंने बरगद के पेड़ से पूछा - " बरगद  बरगद "  तुम्हारी डालियों में पत्ते क्यों नहीं आते ? जंगल की चिडियों को अपने अंडे देने में बहुत परेसानी होती हैं |


बरगद ने  कहा - मेरे पत्ते तभी आएंगे जब जंगल में बरसात होगी |

फिर  जंगल की सारी चिड़ियाँ बादल के पास गयीं और बोली  " बादल भैया बादल भैया "  आप पानी क्यों नहीं बरसाते |

बादल ने कहा - जबतक जंगल के मेंढक टर्र टर्र नही करेंगे में पानी नही बरसा सकता |

अब सारी चिड़ियाँ गयी मेंढक के पास मेंढक ने कहा -जब बरसात होगी तभी में बोलूँगा , बिना बरसात के मेंढक नहीं बोल सकते |
चिड़ियाँ थक कर डाल पर बैठ गयी , तभी एक चिड़ियाँ ने एक उपाय बताया |

 हम इस मेंढक के शरीर पर अपनी चोंच से पानी भर कर गिराएंगे और जैसे ही ये बोलेंगे बादल पानी बरसना चालू कर देगा |

सभी चिडियों ने ऐसा ही किया जब शाम हुई तो जंगल की सभी चिडियों ने अपने चोंच में पानी भर कर मेंढक के उपर बरसाये |

मेंढक ने सोंचा बरसात हो रही है | उन्होंने टर्र टर्र करना सुरु किया |  उनका टर्र टर्र सुनते ही बादल ने पानी बरसाने सुरु किये और फिर खूब बरसात हुयी |

बरसात हुयी तो बरगद पेड़ में पत्ते आये | सभी चिडियों ने अपने घोंसले बरगद के पेड़ पर बनाये और अंडे दिए | जब उनके अंडे फूटे और चूजा बाहर आया तो सभी खुशी से झुमने लगी |


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2 comments:

myblog said...

nice story brother

भारती ज्ञान said...

thank you brother

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