Inspirational story - बिना वजह शत्रु बनाने से अच्छा हैं बिना वजह मित्र बनाओ


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एक राजा था , उसके पास विशाल सेना थी | एक दिन वह अपनी सेना के साथ पड़ोस के राज्य पर आक्रमण करने निकल परा |

रास्ते में एक जंगल था उसकी सेना  को जंगल पार कर दुसरे राज्य पर आक्रमण करना था |
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रास्ते में राजा को एक साधू मिले , राजा ने उन्हे प्रणाम किया और पूछा आप बताये की में जो यह आक्रमण करने 

जा रहा हूँ इसमें किसकी जीत होगी |

साधू ने कहा तुम यह आक्रमण क्यों करने जा रहे हो..?

राजा बोला में आसपास के सभी राज्य को जीतना चाहता हूँ |

साधू ने कहा - तुम आसपास के सभी राज्य जितने के बाद क्या करोगे ?

राजा सोंच में पड़ गया , कुछ देर सोचने के बाद उसने जबाब दिया में सभी राज्य को जीत लूँगा मुझे ख़ुशी मिलेगी  फिर आराम से अपने महल में रहूँगा |

साधू ने कहा - अगर तुम ख़ुशी ही पाना चाहते हो तो अपनी सेना को वापस भेज दो और मित्रता का प्रस्ताव लेकर उस राज्य में जाओ तुम्हे वो खुशी मिलेगी जो उस राज्य पर आक्रमण करने से नहीं मिलेगी |

सच्ची ख़ुशी आपस में मित्रता से मिलती हैं  |

बिना वजह शत्रु बनाने से अच्छा हैं बिना वजह मित्र बनाओ

राजा ने साधू की बात मानी और मित्रता का प्रस्ताव लेकर उस राजा के पास गया |

राजा का बहुत स्वागत हुआ उस राजा ने उससे अपना मित्र बना लिया और मुश्किल समय में साथ

देने का वादा भी किया |

साधू का संदेश सच निकला - बिना वजह शत्रु बनाने से अच्छा हैं बिना वजह मित्र बनाओ

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