Pages

आखिर क्यों नहीं रह पाते हम खुश | Inspirational story Hindi

 Inspirational story

एक आदमी था , वह हमेशा इस बात से दुखी रहता था की उसे कभी अच्छा काम , अच्छी चीज या कुछ भी अच्छा नही मिलता हैं  |

वह हमेशा दुसरो को देखता और दुखी रहता था .

एक दिन वह एक मंदिर पर गया , वहाँ एक सन्यासी बाबा से मिला और अपनी सारी बात उनको बतायी .

सन्यासी ने कहा - पहले तुम एक काम करो मंदिर के उपवन में जाओ और वहाँ से तुम्हे एक सबसे अच्छा गुलाब का फूल तोर कर लाना हैं .

this is an inspirational story
inspirational story

 याद रहे जिस भी फूल को एक बार छोड़ आगे बढ़ जाओगे बाद में पीछे मुड़ कर उसे नहीं तोड़ना  हैं ,

वह आदमी सन्यासी की बात मान उपवन में गया | वहाँ लाइन से गुलाब के फूल लगे हुए थे ,

आदमी पहला फूल देखता है, और आगे बढ़ गया दूसरा भी देखा पसंद नही आया और आगे बढ़ गया , इसी तरह तीसरा और चौथा भी देखा लेकिन वह यह सोचता रहा की आगे अच्छे फूल होंगे  ,

जब आगे बढ़ गया तब कुछ मुरझाये से फूल ही थे उसने सोचा आगे अच्छा फूल होगा ,

 जब वह आगे गया तो उससे भी ज्यादा मुरझाया फूल था और वह लाइन का आखरी फूल भी था |

अब सन्यासी के कहे अनुसार वह पीछे तो जा नहीं सकता था , मजबूरन उसे मुरझाया फूल ही तोड़ना पड़ा ,

जब वह फूल लेकर सन्यासी के पास गया और वह मुरझाया फूल दिया .

सन्यासी ने कहा - उपवन में अच्छे फूल तो बहुत थे लेकिन तुम मुरझाया फूल लेकर आये ,

इंसान के जीवन में उसे जो वर्तमान में मिलता है उससे अच्छा नही लगता और उसका मन हमेशा लालच में ज्यादा की कल्पना कर दुखी रहता हैं.......

इसलिए हमारे पास जो भी है वह ही अच्छा है  , यह अगर हम मान के चले और अपना कार्य करते रहे तो

जीवन में हमे बहुत कुछ मिलेगा , इतना मिलेगा जिसकी कल्पना भी हम नहीं कर सकते |

                                                                   
दोस्तों , हिरा कितना भी मूल्यवान क्यों न हो उससे किसी की भूख नहीं मिट सकती , खुश रहे अपना कार्य करते रहे सफलता जरुर मिलेगी |

No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.