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panchantantra ki kahaniya - सारस और भेड़िया

एक भेड़िया था | एक दिन उसे जंगल में एक मरा हुआ हिरन दिखा , भेड़िया मरे हुए हिरन का मांस खाने लगा ,

 तभी उसके गले में एक हड्डी अटक गई | भेड़िये को लगा की अब तो बचना मुश्किल हैं |
fox is a animal
panchantantra ki kahaniya

 वह दर्द से परेसान हो गया तभी उसे एक सारस दिखा  भेड़िया भागते - भागते सारस के पास गया और

बोला - मेरे दोस्त सारस तुम अपनी चोंच से हमारे गले की हड्डी निकाल दो नहीं तो में मर जाऊंगा ,

अगर तुम मेरे गले की हड्डी निकाल दोगे तो में तुम्हें इनाम दूंगा |
सारस को भेड़िये पर  दया आ गयी , उसने अपना चोंच भेड़िये के गले में डाला और हड्डी निकाल दिया |

भेड़िया ठीक हो गया |

सारस बोला - भेड़िया अब मेरा इनाम दो मैंने तुम्हारी मदत की !!
saras is a birad
pachantantra ki kahaniya


भेड़िया बोला - सारस मैंने तुम्हें जिन्दा छोड़ दिया | जब तुम्हारा सर मेरे मुंह में था तो में उसे दबा भी सकता था |

इसलिए में कोई इनाम नहीं दूंगा |


सिख - जो नेकी के लायक नहीं हो उसकी मदत नही करनी चाहिए|
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1 comment:

Abhinav said...

hello dosto aap ko yeh kahani kaisai lagi comment kariye
me aap kay comment ka intjaar kar raha hun

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