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Baccho ki kahaniya - ख़रगोश और भेड़िया

एक दिन की बात है | एक ख़रगोश जंगल में घास खा रहा था   |तभी वहां एक भेड़िया आ धमका | 

उसने ख़रगोश को देखा तो कहा - वह क्या बात है आज खाना अच्छा मिल गया ..!!
baccho ki kahaniya hindi me
Baccho ki kahaniya


बेचारा ख़रगोश डर गया , फिर भी उसने बहुत ही संभल के बोला - भेड़िया तुम मुझे खाना चाहते हो कोई बात

 नहीं ,  वैसे भी में तो बुढा हो गया हूँ किसी तुम्हारे  काम तो आऊंगा..!!

भेड़िया प्रसन्न  होकर बोला - अच्छा तो तुम अपनी मर्जी से मेरा भोजन बनना चाहते हो |

ख़रगोश बोला - अरे में ही नहीं हमारे और भी दोस्त है जो तुम्हारा भोजन बनने के लिए तैयार है | लेकिन तुम तो कभी हमारे बिल के पास नही आते |

भेड़िया बोला - अच्छा कहाँ है तुम्हारा बिल मुझे ले चलो 

ख़रगोश कहता है - नहीं अभी तो सारे ख़रगोश घास खाने के लिए जंगल में घूम रहे है
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अगर तुम कहो....... तो में उनको तुम्हारे पास बुला सकता हूँ |

मुर्ख भेड़िया ख़रगोश की चालाकी नहीं समझा 

उसने कहा अच्छा ठीक है तुम जाओ और उनको बुला लाओ |

बुद्धिमान ख़रगोश वहां से जान बचा कर भाग गया और भेड़िया मुर्ख बन वहां बैठा रहा | 



सिख - इस कहानी से हमे सिख मिलती है की संकट आने पर बुद्धि का उपयोग करना चाहिए |

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